Wednesday, 22 April 2015

काम हो तो ऐसा

एक बार जरूर पढ़े
उस दिन सबेरे 6 बजे मैं अपने शहर
से दूसरे शहर जाने के लिए निकला,
मैं रेलवे स्टेशन पहुचा , पर देरी से
पहुचने कारण मेरी ट्रेन निकल चुकी
थी,
.
अगली ट्रेन 9.30 को थी
मैंने निर्णय लिया की मैं दूसरी
एक ट्रेन जो 7 बजे दूसरे छोटे स्टेशन
से निकलती थी उससे जाऊ,
मैं बस से अगले स्टेशन पर गया पर
वो ट्रेन भी मुझसे छुट गयी, मेरे पास
9.30 की ट्रेन के आलावा कोई चारा
नही था
.
मैं पहले वाले स्टेशन वापस लौटा
फिर सोचा कही नाश्ता कर लिया
जाए बहुत जोर की भूख लगी
थी
मैं होटल की ओर जा रहा था
.
अचानक रास्ते में मेरी नजर फुटपाथ
पर बैठे दो बच्चों पर पड़ी
दोनों लगभग 10 साल के रहे होंगे
बच्चों की हालत बहुत खराब हो थी
कमजोरी के कारण अस्थिपिंजर साफ
दिखाई दे रहे थे, वे भूखे लग रहे थे
.
छोटा बच्चा बड़े को खाने के बारे में
कह रहा था, बड़ा उसे चुप करा ने
कोशिश कर रहा था,
मैं अचानक रुक गया
दौड़ती भागती जिंदगी में यह
ठहरसे
गये
जीवन को देख मेरा मन भर आया
.
सोचा इन्हें
कुछ पैसे दे दिए जाए
मैंने उन्हें 10 रु दे कर आगे बढ़ गया
तुरंत मेरे मन में एक विचार आया
कितना कंजूस हु मैं,
10 रु क्या मिलेगा, चाय तक ढंग से न
मिलेगी, स्वयं पर शर्म आयी फिर
वापस लौटा
.
मैंने बच्चों से कहा कुछ खाओगे
बच्चे थोड़े असमंजस में पड़े
मैंने कहा बेटा मैं
नाश्ता करने जा रहा हु
तुम भी कर लो, वे दोनों भूख के कारण
तैयार हो गए
उनके कपड़े गंदे होने से होटल वाले
डाट दिया भगाने लगा, मैंने कहा
भाई साहब उन्हें जो खाना है वो
उन्हें दो पैसे मैं दूंगा
.
होटल वाले ने आश्चर्य से मेरी ओर देखा..
उसकी आँखों में उसके बर्ताव के
लिए शर्म साफ दिखाई दी
बच्चों ने नाश्ता मिठाई व् लस्सी मांगी
सेल्फ सर्विस के कारण मैंने नाश्ता बच्चों को
लेकर दिया बच्चे जब खाने लगे,
उनके चेहरेवकी ख़ुशी कुछ
निराली
ही थी
.
मैंने बच्चों को कहा बेटा अब जो
मैंने तुम्हे पैसे दिए है उसमे 1 रु का
शैम्पू ले कर हैण्ड पम्प के पास नहा
लेना
और फिर दोपहर शाम का खाना पास
के मन्दिर में चलने वाले लंगर में खा
लेना, और मैं नाश्ते के पैसे दे कर
फिर अपनी दौड़ती दिनचर्या की
ओर
बढ़ निकला
.
वहा आसपास के लोग बड़े सम्मान
के साथ देख रहे थे
होटल वाले के शब्द आदर मे
परिवर्तित हो चुके थे
.
मैं स्टेशन की ओर निकला, थोडा
मन भारी लग रहा था
मन थोडा उनके बारे में सोच कर
दुखी हो रहा था
.
रास्ते में मंदिर आया मैंने मंदिर
की ओर देखा और कहा
हे भगवान आप कहा हो इन बच्चों
की ये हालत ये भुख, आप कैसे
चुप बैठ सकते है
.
दूसरे ही क्षण मेरे मन में विचार कौंधा
पुत्र अभी तक जिसने उन्हें नाश्ता
दे रहा था वो कौन था??
क्या तुम्हें लगता है तुमने वह सब
अपनी सोच किया ।
मैं स्तब्ध हो गया, मेरे सारे प्रश्न
समाप्त हो गए
लगा जैसे मैंने ईश्वर से बात की हो
.
मेरे समझ आ चूका था हम निमित्त
मात्र है उसके कार्य कलाप के
वो महान है
.
भगवान हमे किसी की मदद करने तब
ही भेजता है जब वह हमे उस काम के
लायक समझता है, किसी मदद को
मना करना वैसा ही है जैसे भगवान के
काम को मना करना
अतः आपको कोई भुखा या लाचार
मिले या आप से कुछ खाने के लिये मागे
तो आप अपनी सार्मथ्य अनुसार मदद
जरूर करे क्योकि स्वय भगवान ने
आप को इस काम के लिये चुना है
"हम बदलेंगे, युग बदलेगा
हम सुधरेंगे, युग सुधरेगा.."
# कर_भला_तो_होय_भला
यह कहानी ने आप के दिल को छुआ
हो तो शेयर जरूर करे
और कहानी आप को कैसी
लगी
कमेंट करके जरूर बताये

Tuesday, 14 April 2015

तीन बाते जो आपको पीछे की तरफ खिचती है



जिंदगी एक है, आज ही खुलकर इसे जीने का मज़ा लीजिये। न की दुसरो की बातो में आकर अपने जीवन को बर्बाद कीजिये। आज तीन ऐसी बातो के बारे में जानकारी देना चाहूँगा ,जिनके कारण आप आगे बढ़ने में विफल होये है। जबकि इनसे बाहर निकलना बहुत सरल है। जानिए इनके बारे मे -
>>  जो लोग मुझे नफरत करते है, वह मेरे बारे में ठीक ही सोचते है : सभी आपको पसन्द करे यह जरूरी नही है। ऐसे कई लोग होंगे जो आपसे नफरत करने लगेंगे। जैसा वह आपके बारे में सोच रहे है, वैसा आप मत सोचिये। क्योकि अगर आप भी अपने बारे में गलत सोचने लगेंगे तो निश्चित भी आगे बढ़ने के रास्ते बन्द हो जायेंग।
>> जो काम दूसरे कर सकते है, लेकिन मैं नही : ऐसा कोई काम नही है जो दूसरे कर सकते है, लेकिन आप नही। आप हर काम कर सकते है। बस खुद पर विश्वास रखिये।
>> परिवार के सभी लोग और दोस्त मेरे निर्णय से सहमत हो, यह जरूरी है: यह सोच बिलकुल गलत है। यह जीवन आपका है। आप इसके मालिक है। आपके द्वारा लिए जाने वाले महत्वपूर्ण निर्णय में हर व्यक्ति की रजामन्दी जरूरी नही है। किसी की तरफ देखने की आवश्यकता नही है। आपका जीवन है, इसे अपने तरीके से व्यतीत कीजिये।

Thursday, 9 April 2015

ATM कार्ड गुम हो जाने पर ये उपाय अपनाये

आप कही बाहर घूमने गए है ऐसे में आप अपने साथ ज्यादा कैश ले जाना सही नही समझते। जाहिर है ऐसे में आप ATM कार्ड का प्रयोग करेंगे। वेसे भी आजकल ATM कार्ड से Shopping की सुविधा उपलब्ध होने लगी है इसलिए लोग ATM कार्ड का प्रयोग खरीदारी में भी करने लगे है। लेकिन जरा सोचिये ऐसे में अगर आपका ATM कार्ड कही खो जाये तो? यह सोचकर भी आपको टेंशन होने लगी होगी की अगर कही आपका ATM कार्ड आपसे दुर ना चले जाये। चलिए हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बता रहे है जिनका उपयोग आप उन हालातो में कर सकते है जब ATM कार्ड आपसे गुम हो जाए -
1.अगर आपका ATM कार्ड कही  गुम हो गया है तो सबसे पहले सम्बंधित बैंक को इसकी जानकारी दे। याद रखिये बैंक को अगर जानकारी नही देंगे तो कोई आपके कार्ड का गलत प्रयोग भी कर सकता है। इसलिए कार्ड गुम हो जाने के तुरंत बाद ही अपने बैंक को बताये ताकि वो आपके कार्ड को ब्लाक कर दे।
2. बैंक से अपने कार्ड गुम हो जाने की शिकायत करने के बाद आपको एक शिकायत संख्या मिलेगी और उस शिकायत संख्या के आधार पर आपको पुलिस में अपने कार्ड के खो जाने की FIR दर्ज करवानी होगी, जिससे की अगर उस कार्ड का कही गलत प्रयोग हो तो आप उन आरोपो से बचे रहे।
3. अगर बैंक आपकी शिकायत दर्ज करने में आनाकानी कर रहा है तो आपको पूरा अधिकार है की आप consumer court में अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है। सेवा में किसी भी प्रकार की कमी हो तो भी आप consumer court में शिकायत कर सकते है।
4. ATM कार्ड का पिन नंबर खो जाने पर भी आप बैंक को लिखित अपनी शिकायत दर्ज करवा सकते है। शिकायत दर्ज होने के एक सप्ताह के बाद बैंक आपको आपका पिन नंबर देगा। जानकारों का कहना है की खाता खुलवाने के समय बैंक द्वारा प्रदान किये गए ATM कार्ड पिन नंबर को जल्द से जल्द बदल लेना चाहिए।

सफलता पाने के लिए क्या करे

सफलता पाने के लिए स्वयं को समझना अतिआवश्यक है। आप भी  स्वयं  को सही से समझने का प्रयत्न कीजिये, स्वयं का समुचित मूल्यांकन कीजिये और उसके बाद स्वयं को उसके अनुसार बदलने का प्रयास कीजिये। इन सब के लिए अपने दिमाग को निम्न तथ्यों से बार बार याद कराते रहिये-
1. अपने को स्वीकार कीजिये  - आप जो भी है, जैसे भी है,  जहाँ भी है उसी रूप में अपने को स्वीकार कीजिये। आप अत्यंत प्रतिभावान है, आकर्षक है, सुयोग्य है, हंसमुख है और लोकप्रिय है। इसलिए आप स्वयं को मान सम्मान दीजिये। सर्वशक्तिमान ईश्वर आपका पिता है आपको उसका पूर्ण स्नेह प्राप्त है, आपको वो अत्यंत चाहता है और सर्वाधिक मेहत्वपूर्ण यह है की आप उसे पूर्णतः स्वीकार है। तो अब आपको ही स्वयं को स्वीकारने में क्या आपत्ति है, जबकि अनेक व्यक्तियो ने तो आपको बहुत पहले ही स्वीकार किया हुआ है।
2. अपने में विश्वास रखिये -  खुद पर आप सुदृढ़ विश्वास रखिये। इस श्रेष्ठ विश्वास को किसी भी परिस्थिति में डगमगाने न दीजिये। भगवान ने अपने समान ही महानता देने वाले अनगिनत उपहारों से आपको सुसज्जित करके भेजा है।
3. अपने से श्रेष्ठ व्यवहार कीजिये - जिस तरह अन्य लोगो से अच्छे व्यवहार करने और उनसे भी अच्छे व्यवहार पाने के लिए आप इच्छुक रहते है उसी प्रकार का व्यवहार अपने आप से भी कीजिये। अपने दिमाग को उसी प्रकार विश्राम दीजिये जिस प्रकार आप अपने शरीर को विश्राम देते है। दिमाग को दिया गया थोडा सा भी विश्राम आप में नवीन ऊर्जा , सकारात्मक सोच लाएगा।
4. अपने को सदैव व्यस्त रखिये - आप अपने दिमाग को सदैव व्यस्त रखिये। शारीरक और मानसिक रूप से कुछ न कुछ करते रहिये। यदि आप शारीरक रूप से थक जाये तो मानसिक कार्य करके शरीर को विश्राम दीजिये और यदि मानसिक रूप से थक जाये तो कुछ हल्का फुल्का शारीरिक कार्य करके दिमाग को विश्राम दीजिये। इस बात को हमेशा याद रखिये -"खाली दिमाग शैतान का घर।"
5. अपने को सदैव प्रसन्न रखिये - अपने दिमाग को सदैव प्रसन्न रहने के अवसर दीजिये तभी तो वो आपके जीवन में प्रसन्नता के मोती बिखरेगा। ख़ुशी से किये गए कार्य सदैव अच्छे ही होते है और दुःखी मन से किये गए कार्य हमेशा गलत होते है।
6. अपनी भूलो को भूलिये- भूतकाल में हुई स्वयम् की गलतियों को भूलने का हमेशा प्रयास करिये, जो हो गया सो हो गया, उसकी क्यों व्यर्थ चिंता करना, भूत का क्या पश्चाताप करते रहना, उसके लिए हमेशा क्या रोना?


दोस्तों , यदि आपके पास भी कोई articles, motivational stories हो तो हमसे शेयर जरूर कीजिये और हमे इस E-mail Id पर भेजिए
E-MAIL ID- vijay7vj7vj7vj@gmail.com

Wednesday, 8 April 2015

यदि आपका फ़ोन हैंग होता है तो करे ये उपाय

आज के इस युग में स्मार्ट फ़ोन किसके पास नही है? टेक्नोलॉजी का विस्तार दिन-प्रतिदिन बढ़ता ही जा रहा है। समस्या तब आती है जब हमारा फ़ोन हैंग होने लगता है। फ़ोन का हैंग होना किसे पसन्द होता है । कई लोग गुस्से में अपने फ़ोन को भी फेक देते है और खुद का ही नुकसान करा बैठते है। इस नुकसान से बचने के लिए में आपको एक उपाय बताने जा रहा हूँ जिससे आपका फ़ोन हैंग नही होगा। लेकिन पहले हमे ये जान लेना चाहिए की फ़ोन हैंग क्यों होता है?
दोस्तों हम अपने फ़ोन में ऐसे बहुत से app इनस्टॉल करके रखते है जिनकी हमे आवश्यकता होती है और हम समय-समय पर इन्हें open भी करते है। और कार्य समाप्त होने पर इन्हें close भी कर देते है पर असल में ये बन्द नही होते। इनकी प्रोसेसिंग background पर चालू ही रहती है। जिससे हमारी RAM भरती जाती है। आप जानते है की फोन की रेम 512MB और लेटेस्ट फ़ोन की 1GB तक रेम होती है। जब ये रेम फुल हो जाती है तो हमारा फ़ोन हैंग होने लगता है। अब आप ये जान गए है की फ़ोन हैंग क्यों होता है।
हेंग होने की समस्या से कैसे बचा जाये ?
दोस्तों आपको पता लग ही गया है की रेम भरती है तो फ़ोन हैंग होता है अब जाहिर सी बात है रेम खाली होगी तो नही होगा फ़ोन हैंग। रेम को खाली करने का एक आसान सा तरीका है। सबसे पहले आप फ़ोन की सेटिंग आप्शन में जाओ वहा आपको app manger या app नाम से आप्शन मिलेगा आप वहा पर क्लिक करो। क्लिक करने के बाद आपको दो बार left hand side( बायीं तरफ) slide करना है। आपको running apps मिलेंगे । जैसे आपको वहा मिला whats app ।
फिर आपको वापस बायीं तरफ slide करना है। slide करने के बाद आपको वो सभी app मिलेंगे जो आपके फ़ोन में है। वहा आपको whats app ढूंढ कर उस पर क्लिक करना है और force stop पर क्लिक करना है। चिंता न करे आपका whats app uninstall नही होगा वो केवल stop होगा और आपकी रेम खाली होगी। फिर से आपको वो ही करना है। मतलब running apps में जाना है और देखना है की कोनसा app open है फिर उसे all apps में जाकर ढूंढ कर stop करना है। ऐसे सारे running apps को स्टॉप करके आप अपने फ़ोन को हैंग होने से बचा लोगे। आप app को menu से फिर से start कर लीजिये।
यदि आपके मन में कोई सवाल है तो आप हमसे पूछिये मैं आपके सवाल का जबाब देने की पूरी कोशिश करूँगा।



यदि आप भी अपने मन की कोई बात, articles, motivational khaniya , या जो भी आप हमसे शेयर करना चाहते है हमे इस email id पर भेज सकते है
E-mail Id :- vijay7vj7vj7vj@gmail.com

क्या आपको कुछ अलग करना है?

दोस्तों सपने देखना किसे अच्छा नही लगता ? सब अपने सुनहरे भविष्य के सपने देखते है। सब चाहते है की उसका भी नाम पूरी दुनिया लेवें। पर आप अपने आप से पूछिये कि क्या आप अपने सपने को पूरा करने के लिए मेहनत कर रहे है ? क्या आप अपने काम में लगन से जुटे हुए है? क्या आप भी दुनिया की भीड़ से अलग दिखने के लिए वो काम कर रहे है जो आपको दुनिया की भीड़ से अलग करे ? क्या आप वो कर रहे है जिसका आपने सपना देखा था जो आपको बुलंदियों तक ले जाये ?  बहुत कम लोग होंगे जिनका जबाब हाँ होगा। सपने देखना कोई बड़ी बात नही है, बड़ी बात है उसको पूरा कर दिखाना। कबीर दास जी का एक बहुत ही फेमस दोहा जो तकरीबन सभी को याद है-
।। काल करे सो आज कर, आज करे सो अब
पल में परले होएगी, बहुरि करे गो कब ।।
 परन्तु कोई इस दोहे पर अमल नही करता।
   
           दोस्तों प्राचीन काल से ही सपनो को पूरा कर पाने की, कुछ अलग कर दिखाने की प्रेरणा हमे मिलती आ रही है। परन्तु वो मनुष्य के हाथ में है की वो उन बातो का किस तरह से उपयोग करता है। मैं आपसे पूछना चाहता हूँ कि Impossible शब्द का निर्माण क्या यू ही हुआ है बिना किसी सोच विचार  के। मेरे ख्याल से नही दोस्तों। क्योकि ये शब्द बनाया ही इसी प्रकार से है की हमे शक्ति मिल सके, प्रेरणा मिल सके कुछ अलग करने की, कुछ सम्भव करने की ।
Impossible -> i m possible
आपने ये तो सुना ही होगा।
लेकिन दोस्तों क्या आपने सोचा है  कभी की
College  ->  Non-college
Activate ->  de-activate
की तरह possible को Non-possible या de-possible क्यों नही कहा गया। क्योकि जेसे की मेने पहले ही आपको बताया है ताकी हमे इससे प्रेरणा मिल सके । हमारे अंदर positive think आ सके। ताकि हम वो भी कर सके जो असम्भव हो।
समय का Importance :- समय क्या है? समय वो है जो किसी के लिए नही रुकता। समय भी अपना काम समय पर करता है अर्थात जो सुई 12 बजे जिस समय पर आनी है वो उसी समय आएगी जब उसका वहा आने का समय होगा। समय न ज्यादा जल्दी वहा पहुचेगा न ज्यादा लेट। मेरे कहने का अर्थ यह है की यदि कार्य को समय पर पूरा किया जाये तो वो दिन दूर नही होगा जिस दिन हमारा सपना पूरा होने वाला होगा।
  सपने वो पुरे नही होते जिन्हें हम सो कर देखते है
सपने तो वो होते है जिनके लिए आप सोना छोड़ देते है।

दोस्तों आपको ये पोस्ट कैसी लगी। कृपया हमे जरूर बताये।

यदि आप भी हमसे अपने मन की कोई बात, articles, motivational khaniya, intresting baate share करना चाहते है तो हमें इस E-mail Id पर Send करें।
E-mail Id:- vijay7vj7vj7vj@gmail.com

Tuesday, 7 April 2015

I love my PAPA

जब
मम्मी
डाँट रहीं थी
तो
कोई चुपके से
हँसा रहा था,
वो थे पापा. . .
*
जब
मैं सो रहा था
तब कोई
चुपके से
सिर पर हाथ
फिरा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
जब
मैं सुबह उठा
तो
कोई बहुत
थक कर भी
काम पर
जा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
खुद
कड़ी धूप में
रह कर
कोई
मुझे ए.सी. में
सुला रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
सपने
तो मेरे थे
पर उन्हें
पूरा करने का
रास्ता
कोई और
बताऐ
जा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
मैं तो
सिर्फ
अपनी
खुशियों में
हँसता हूँ,
पर
मेरी हँसी
देख कर
कोई
अपने गम
भुलाऐ
जा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
फल
खाने की
ज्यादा
जरूरत तो
उन्हें थी,
पर
कोई मुझे
सेब
खिलाए
जा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
खुश तो
मुझे होना चाहिए
कि
वो मुझे मिले ,
पर
मेरे
जन्म लेने की
खुशी
कोई और
मनाए
जा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
ये दुनिया
पैसों से
चलती है
पर
कोई
सिर्फ मेरे लिए
पैसे
कमाए
जा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
घर में सब
अपना प्यार
दिखाते हैं
पर
कोई
बिना दिखाऐ भी
इतना प्यार
किए
जा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
पेड़ तो
अपना फल
खा नही सकते
इसलिए
हमें देते हैं…
पर
कोई
अपना पेट
खाली रखकर भी
मेरा पेट
भरे जा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
मैं तो
नौकरी के लिए
घर से बाहर
जाने पर
दुखी था
पर
मुझसे भी
अधिक
आंसू
कोई और
बहाए
जा रहा था ,
वो थे पापा. . .
*
मैं
अपने
“बेटा ” शब्द को
सार्थक
बना सका
या नही..
पता नहीं…
पर
कोई
बिना स्वार्थ के
अपने
“पिता” शब्द को
सार्थक
बनाए
जा रहा था ,
वो थे पापा. . .

Monday, 6 April 2015

जीतिये online prizes बिलकुल फ्री

prizes किसे नही पसन्द? यदि मेरा यह सवाल हो तो शायद आप सभी लोग यही कहेंगे कि "prizes किसे नही पसन्द ये तो सभी को अच्छा लगता है।" मैं आपको एक ऐसी ही website के बारे में बताना चाहता हूँ जिसमे आप bet (शर्त) लगाकर और गेम्स खेलकर prizes जीत सकते है। उस वेबसाइट का नाम है INDIABET ।
SIGN-UP करने के लिए यहाँ क्लिक करे
www.indiabet.com
Prizes जीतने के लिए क्या करें ?
सबसे पहले आपको indiabet पर SIGN-UP करना होगा। जहाँ पर आपको अपना DISPLAY NAME , E-MAIL address  और password डालना होगा। उसके बाद आपको अपने e-mail address पर एक confirmation link प्राप्त होगी। उस लिंक पर क्लिक करके आपको अपना अकाउंट activate करना होगा। क्लिक करने के बाद जो webpage open होगा वहा से आपको 10 step से गुज़रना होगा। और आपका अकाउंट activate हो जायेगा। activate होने के बाद prize win करने के लिए आप गेम्स भी खेल सकते हो और bet भी लगा सकते हो। prize win करने के लिए हमें stars collect करने होते है। इसमें आपको Ibr मिलते है। इन ibr के द्वारा आप गेम्स खेलकर और bet लगाकर stars collect कर सकते है। हर prize के लिए stars निश्चित है। सबसे अच्छी बात तो यह है कि आप चाहे गेम्स में हरो या जीतो आपको stars मिलेंगे ही।
Proof - दोस्तों, कहीँ न कहीँ आपके मन में ये सवाल तो उठ रहा होगा की हम विश्वास  कैसे करे की हमे prize मिल ही जायेगा। इसका जबाब में केवल इतना दूंगा की कल ही मेने एक prize जीता है। और इस चीज़ का प्रूफ लेकर ही मैं आपको Indiabet  के बारे में आपको बता रहा हूँ।
आप prize में 8GB pen drive, 4GB pendrive, branded Android Mobiles etc.

Win कर सकते है।

आपको ये पोस्ट कैसी लगी हमें इस बारे में comment जरुर करें। और आपके मन में Indiabet के लिए कोई सवाल है जो आपको समझ नही आ रहा। तो हमे कमेंट बॉक्स में जरूर बताइये। मैं आपकी पूरी मदद करने की कोशिश करूँगा।
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
यदि आपके पास भी कोई article, कहानी या आपके मन की कोई भी बात जिसे आप शेयर करना चाहते है। कृपया हमें इस e-mail id पर जरूर भेजिए।
E-mail id :- vijay7vj7vj7vj@gmail.com

Sunday, 5 April 2015

सीखिये कुछ अलग

अब आप आसानी से न सिर्फ खुद कोडिंग और प्रोग्रामिंग सीख सकते है, बल्कि अपने बच्चों को भी इसमें पारंगत बना सकते है। अमेरिका के मैसाचुसेट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी यानी एमआईटी ने एक खास वेबसाइट बनाई है, जिस पर आप या आपके बच्चे एनीमेशन समेत मनोरंजन प्रोग्रामिंग सिख सकते है। वे अपनी स्टोरी तैयार कर सकते है और उसके बाद उसे दुनिया के साथ शेयर भी कर सकते है। इसके अलावा आप गेम्स या एनीमेशन भी तैयार कर सकते है।
तैयार करे एनीमेशन और गेम्स
इसके लिए सबसे पहले आप यह वेब पेज ओपन करे-
http://scratch.mit.edu/
जैसे ही आप लैंडिंग पेज पर आएंगे, तो यहां अपनी पसन्द का एनीमेशन आसान से ट्यूटोरीयल की मदद से तैयार कर सकेंगे। मैसाचूसैट्स इंस्टिट्यूट ऑफ़ टेक्नोलॉजी ने स्क्रैच नाम का यह प्रोग्राम ख़ास तौर पर एनीमेशन और गेम बनाने के लिए तैयार किया गया है। यहां आप अपने एनीमेशन को मनचाहा मोशन और साउंड दे सकते है। यदि आप अपने प्रोजेक्ट को सेव करना चाहते है, तो लॉगइन करना अनिवार्य है। आप इस सॉफ्टवेयर को ऑफलाइन डाउनलोड भी कर सकते है।

Saturday, 4 April 2015

कोई नया शब्द बोलने से कभी मत डरिये

     फ्योदोर दोस्तवोस्की :- फ्योदोर दोस्तवोस्की रुसी भाषा के एक महान साहित्यकार थे। कहानीकार, उपन्यासकार और निबंध लेखक भी थे। इनका जन्म 11नवम्बर 1821 को मॉस्को में हुआ था। उन्हें किसी वक़्त मृत्यु दण्ड मिला था, लेकिन अंत समय आते-आते उसे माफ कर दिया गया था।
* दो काम करने से लोग सबसे ज्यादा घबराते है। पहला, नया कदम बढ़ाना। दूसरा, नया शब्द बोलना।
* अगर भगवान न हो तो कभी, किसी चीज़ पर कोई पाबंदी न रहे।
* एक लक्ष्य हासिल करना, दूसरे लक्ष्य की ओर बढ़ने की तरह है।
* खुद से झूठ बोलना, दुसरो से झूठ बोलने से भी ज्यादा खतरनाक है।
* इंसान को अपनी मुश्किलें गिनना ही आती है, वह कभी खुशियो की गिनती नही करता।
* खुशियों में कोई खुशी नही छिपी होती, खुशियां हासिल करने से असली खुशी मिलती है।
* उदासी क्यों होती है? यह जानना ही सबसे बड़ी ख़ुशी है।
* अगर आपका उद्देश्य अच्छा है तो छोटी-छोटी गलतियों से कभी कोई नुकसान नही होगा।
* आत्मा को सुकून पहुंचाने के लिए बच्चों के साथ जीवन गुजारिये।
* किसी उम्मीद या आस के बिना जीवन बिताना मरने के बराबर है।
* आप अपने जीवन को सही तरीके से जी रहे है तो आपके पास कई कहानियां होंगी सुनाने के लिए।
* समझदारी से काम करने के लिए समझदार होने के अलावा कई दूसरी चीज़े भी जरूरी है।
* प्यार का मतलब ही पीड़ा  है। इसके बिना प्यार मुमकिन नही है।
* कोई भी विषय इतना पुराना नही होता कि उस पर कुछ नया न कहा जा सके।
* आपके पास कोई अर्थपूर्ण काम नही है तो जीवन जीने का कोई मतलब भी नही है।
* खूबसूरती से ही दुनिया को बचाया जा सकता है। चाहे कोई खूबसूरत विचार हो या फिर सुन्दर इंसान।
* सबसे चालाक व्यक्ति वह है जो माह में एक बार खुद को बेवखूफ कहता है।
* ताकत हमेशा उसी व्यक्ति को दी जाती है जिसके पास झुककर उसे हासिल करने का साहस हो।

देखें अपने गुण

एक कौआ जंगल में रहता था। अपने जीवन से बेहद संतुष्ठ होकर वह इधर-उधर उड़ता और प्रकृति का आनंद लेता। लेकिन एक दिन उसने हंस को देखा। एकदम श्वेत और निर्मल। कौआ सोचने लगा, इसका सफ़ेद रंग इतना सुंदर है, यह सबसे ज्यादा खुश होगा। कौए ने हंस से यही बात पूछी तो वह बोला, हाँ में पहले खुश था लेकिन जब से तोते को देखा तो मुझे लगता है, वह ज्यादा खुश है क्योंकि उसके पास तो दो रंग है। अब कौए ने तोते से पूछा- भाई तुम दो रंग पाकर बहुत खुश हो ना?  तोता बोला- हाँ, कभी  मैं खुश था लेकिन जब से मोर को देखा, तो लगा, असली ख़ुशी तो सिर्फ इसके पास है। इतना रंगबिरंगा और खूबसूरत। अब कौआ चिड़ियाघर में मोर से मिलने जा पहुंचा। मोर को देखने बहुत लोग आये थे। जब वे चले गए तो कौआ उससे मिला। उसने मोर से पूछा- तुम इतने सुंदर हो, तुम तो बहुत खुश रहते होओगे? मोर बोला, सुंदर तो हूँ लेकिन यहां चिड़ियाघर में क़ैद हूँ। मैंने देखा है कि कौए को कोई बन्द करके चिड़ियाघर में नहीँ रखता। वह आजाद घूमता है। मुझे तो लगता है की जीवन में सबसे ज्यादा खुश और संतुष्ट तुम कौए हो। मोर की बात सुनकर कौआ उसका मुँह देखता रह गया। वह हैरान था क्योंकि आज उसे उसके आपने गुणो एवम् जीवन की एहमियत कोई दूसरा बता रहा था। अब वह अपने जीवन का महत्व समझ गया।

अपनी तुलना दुसरो से करते हुए अपने महत्व को कम नही करना चाहिए।

जान सकते है किसी का भी ईमेल एड्रेस!

क्या आपने कभी ऐसी स्थिति का सामना किया है, जिसमें आपको किसी कंपनी के कोई ख़ास employe से संपर्क करना जरूरी हो और आप उसके साथ वार्तालाप न कर सकें। ऐसी स्थिति में यदि आपको उसका ईमेल पता मिल जाए, तो आपका काम आसान हो सकता है। अब इंटरनेट पर ऐसी websites भी मौजूद है, जो आपको वांछित व्यक्ति का ईमेल पता उपलब्ध करा देती है। ये websites एक ख़ास तरह के एलगोरिट्स पर काम करती है और उसी आधार पर आपको संभावित मेल पते ढूंढ कर देती है। आप इन मेल पतो में से अपना वांछित ईमेल पता ढूंढ सकते है और उस व्यक्ति से ईमेल के जरिये संपर्क कर सकते है।

नाम और कंपनी से यूं खोजे किसी व्यक्ति का ईमेल पता

इसके लिए सबसे पहले आप नीचे दिए गए वेबपेज को ओपन कीजिये-
http://thrust.io/mail
यहां आपको जिस व्यक्ति का ई-मेल पता ढूँढना हो, उसका नाम और संभावित डोमेन भरना होगा और इसके बाद जैसे ही आप Find it link पर Click करेंगे, यह आपको संभावित मेल पता दे देगा। इस webtool को इस्तेमाल करना आसान है और मेल पतो के Result को क्लिकबल फॉर्मेट में लाता है। जैसे ही आप इस पर क्लिक करते है, तो यह सीधे ही मेल के compose option को ऑन कर देता है, जिससे आप समय गवाएं बिना ही सम्बंधित व्यक्ति को ई-मेल भेज सकते है।

सुबह जल्दी उठने के लाभ

लोग सुबह देर से उठते है वह दिनभर के हर कार्य में पीछे रहते हैं। जी हां, यह बात बिल्‍कुल सच है क्‍योंकि हम आज आपको कुछ ऐसे फैक्‍ट्स बताएंगे जिन्‍हें पढ कर आप खुद ही इस बात को मान बैठेगे। जानने के लिये पढे आगे-

होते हैं ये फायदे-
1. व्‍यायाम का समय-
सुबह उठने पर एक्‍सरसाइज के लिये अच्‍छे से समय मिल पाता है वरना दिनभर के काम-काज में सारा दिन निकल जाता है। इस समय आप आराम से जौगिंग करने जा सकते हैं, शांत मन से योगा या फिर जिम जाने का समय मिलता है।

2. मेडिटेट –
दिनभर के काम से जूझना हो तो सुबह उठ कर 15 मिनट मेडिटेट करें। इसको करने के लिये सुबह-सुबह का समय सबसे सुलभ रहेगा। मेडिटेट करने से शरीर में ऊर्जा आती है और सोंचने समझने की शक्‍ति बढती है।
3. सुबह का आनंद लें-

सुबह उठने का आनंद केवल उन्‍हीं को पता चलता है जो इस समय उठते हैं। इस समय चिडियों की चहचहाट सुनने की मिलती है और खाडियों के बेवजह हार्न और आवाजों से थोड़ी देर के लिये मुक्‍ति मिलती है।
4. काम करने की छमता बढती है-
टेक्‍सास यूनिवर्सिटी के एक शोध में पता चला था कि सुबह उठने से हमारी काम करने की क्षमता बढती है और हम सबसे आगे रहते हैं। इसलिये जो बच्‍चे सुबह उठ कर पढाई करते हैं वह क्‍लास में अच्‍छे नंबरों से पास होते हैं।
5. ब्रेकफास्‍ट खाना-

सुबह का नाश्‍ता हमारे दिनभर के कामों से सबसे अहम काम होता है। कई लोग देर से उठने के चक्‍कर में सुबह का नाश्‍ता करना भूल जाते हैं। इसलिये अगर आप जल्‍दी उठेगे तो नाश्‍ता अच्‍छे से कर पाएंगे।
6. तनाव कम होता है-

सुबह उठने से इस बात का तनाव कम होता है कि अब आपको ऑफिस या कॉलेज जाने के लिये देर नहीं होगी। इससे ना तो नाश्‍ता करने का समय जाता है और ना ही सुबह का पेपर पढने के लिये जल्‍दबाजी होती है।
7. मूड रहता है तरोताजा- जो लोग रोज सुबह उठते हैं उनका मूड बहुत खुशनुमा रहता है। बाकी जो लोग लेट उठते हैं, वह अनिद्रा के शिकार तथा उदास रहते हैं। उन्‍हें जिन्‍दगी में सब कुछ नकारात्‍मक लगता है।
8. अच्‍छा स्‍वास्‍थ्‍य रहता है- जिस इंसान का डेली रुटीन सही रहेगा, जाहिर सी बात है कि उसकी सेहत भी अच्‍छी बनी रहेगी। सुबह उठने से आप सेहत पर अच्‍छी तरह से ध्‍यान दे सकते हैं, वरना जल्‍दी जल्‍दी में हर काम गडबड हो जाता है।
हमारे ऋषि मुनियों ने इस सुबह के समय (ब्रह्म – मुहूर्त) का विशेष महत्व बताया है। उनके अनुसार यह समय निद्रा त्याग के लिए सर्वोत्तम है। ब्रह्म मुहूर्त में उठने से यह पांच चीजें सहज पाप्त होती हैं -

सौंदर्य,  बल, विद्या, बुद्धि और स्वास्थ्य 

ब्रह्म मुहूर्त का विशेष महत्व बताने के पीछे हमारे विद्वानों की वैज्ञानिक सोच निहित थी। वैज्ञानिक शोधों से ज्ञात हुआ है कि ब्रह्म मुहुर्त में वायु मंडल प्रदूषण रहित होता है। इसी समय वायु मंडल में ऑक्सीजन (प्राण वायु) की मात्रा सबसे अधिक (41 प्रतिशत) होती है, जो फेफड़ों की शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण होती है। शुद्ध वायु मिलने से मन, मस्तिष्क भी स्वस्थ रहता है।
आयुर्वेद के अनुसार ब्रह्म मुहूर्त में उठकर टहलने से शरीर में संजीवनी शक्ति का संचार होता है। यही कारण है कि इस समय बहने वाली वायु को अमृततुल्य कहा गया है। इसके अलावा यह समय अध्ययन के लिए भी सर्वोत्तम बताया गया है क्योंकि रात को आराम करने के बाद सुबह जब हम उठते हैं तो शरीर तथा मस्तिष्क में भी स्फूर्ति व ताजगी बनी रहती है। प्रमुख मंदिरों के पट भी ब्रह्म मुहूर्त में खोल दिए जाते हैं तथा भगवान का श्रृंगार व पूजन भी ब्रह्म मुहूर्त में किए जाने का विधान है।
* जल्दी उठने में सौंदर्य, बल, विद्या और स्वास्थ्य की प्राप्ति होती है। यह समय ग्रंथ रचना के लिए उत्तम माना गया है।
* वैज्ञानिक शोधों से ज्ञात हुआ है कि ब्रह्म मुहुर्त में वायुमंडल प्रदूषणरहित होता है। इसी समय वायुमंडल में ऑक्सीजन (प्राणवायु) की मात्रा सबसे अधिक (41 प्रतिशत) होती है, जो फेफड़ों की शुद्धि के लिए महत्वपूर्ण होती है। शुद्ध वायु मिलने से मन, मस्तिष्क भी स्वस्थ रहता है। ऐसे समय में शहर की सफाई निषेध है।

* आयुर्वेद के अनुसार इस समय बहने वाली वायु को अमृततुल्य कहा गया है। ब्रह्म मुहूर्त में उठकर टहलने से शरीर में संजीवनी शक्ति का संचार होता है।

* यह समय अध्ययन के लिए भी सर्वोत्तम बताया गया है, क्योंकि रात को आराम करने के बाद सुबह जब हम उठते हैं तो शरीर तथा मस्तिष्क में भी स्फूर्ति व ताजगी बनी रहती है। सुबह ऑक्सिजन का लेवल भी ज्यादा होता है तो मस्तिष्क को अतिरिक्त ऊर्जा प्रदान करता है जिसके चलते अध्ययन बातें स्मृति कोष में आसानी से चली जाती है।
तो कल से ही सुबह जल्दी उठाना शुरू कीजिये… उठेंगे ना ???
अपने विचार शेयर कीजिये…

बीड़ी, सिगरेट, शराब जल्द-से-जल्द छोड़ने के अचूक उपाय

बहुत से लोग नशा छोडना चाहते है पर उनसे छूटता नहीं है! बार बार वे कहते है हमे मालूम है, ये गुटका खाना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे ?
बार बार लगता है ,ये बीड़ी सिगरेट पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब उठ जाती है तो क्या करे ? बार बार महसूस होता है, यह शराब पीना अच्छा नहीं है लेकिन तलब हो जाती है, तो क्या करे?
आपको बीड़ी सिगरेट की तलब न आए, गुटका खाने की तलब न लगे, शराब पीने की तलब न लगे, इसके लिए बहुत अच्छे दो उपाय है जिन्हें आप बहुत आसानी से कर सकते है! पहला ये कि जिनको बार बार तलब लगती है और वे अपनी तलब पर कंट्रोल नहीं कर पाते, नियंत्रण नहीं कर पाते, इसका अर्थ हैं,उनका मन कमजोर है! तो पहले मन को मजबूत बनाओ!

मन को मजबूत बनाने का उपाय

मन को मजबूत बनाने का सबसे आसान उपाय है, पहले थोड़ी देर आराम से बैठ जाओ! आलती-पालती मार कर बैठ जाओ! जिसको सुख-आसन कहते हैं और फिर अपनी आखे बंद कर लो फिर अपनी दायनी(right side) नाक बंद कर लो और खाली बायी(left side) नाक से सांस भरो और छोड़ो फिर सांस भरो और छोड़ो फिर सांस भरो और छोड़ो !

बायीं नाक मे चंद्र नाड़ी होती है और दाई नाक मे सूर्य नाड़ी ! चंद्र नाड़ी जितनी सक्रिय (active) होगी उतना इंसान का मन मजबूत होता है और इससे संकल्प शक्ति बढ़ती है! चंद्र नाड़ी जितनी सक्रिय होती जाएगी आपके मन की शक्ति उतनी ही मजबूत होती जाएगी और आप इतने संकल्पवान हो जाएंगे जो बात ठान लेंगे उसको बहुत आसानी से कर लेगें| तो पहले रोज सुबह 5 मिनट तक नाक की right side को दबा कर left side से सांस भरे और छोड़ो ! ये एक तरीका है जो बहुत आसन है !


दूसरा एक तरीका है आपके घर मे एक आयुर्वेदिक ओषधि है जिसको आप सब अच्छे से जानते है और पहचानते हैं ! राजीव भाई ने उसका बहुत इस्तेमाल किया है, लोगो का नशा छुड्वने के लिए और उस ओषधि का नाम है-अदरक! इस अदरक के टुकड़े कर लो छोटे छोटे| उस मे नींबू निचोड़ दो थोड़ा सा काला नमक मिला लो और इसको धूप मे सूखा लो ! सुखाने के बाद जब इसका पूरा पानी खतम हो जाए तो इन अदरक के टुकड़ो को अपनी जेब मे रख लो ! जब भी दिल करे गुटका खाना है, तंबाकू खाना है, बीड़ी सिगरेट पीनी है तो आप एक अदरक का टुकड़ा निकालो मुंह मे रखो और चूसना शुरू कर दो! यह अदरक अदभुत चीज है| आप इसे दाँत से काटो मत और सवेरे से शाम तक मुंह मे रखो तो शाम तक आपके मुंह मे सुरक्षित रहती है! इसको चूसते रहो| आपको गुटका खाने की तलब ही नहीं उठेगी| तंबाकू सिगरेट लेने की इच्छा ही नहीं होगी| शराब पीने का मन ही नहीं करेगा! बहुत आसन है कोई मुश्किल काम नहीं है ! 10 -15 -20 दिन लगातार कर लिया तो हमेशा के लिए नशा आपका छूट जाएगा !


इस अदरक मे एक ऐसे चीज है जिसे हम रसायनशास्त्र (केमिस्ट्री) मे कहते है-सल्फर !
अदरक मे सल्फर बहुत अधिक मात्रा मे है और जब हम अदरक को चूसते है तो हमारी लार के साथ मिल कर अंदर जाने लगता है! ये सल्फर जब खून मे मिलने लगता है तो अंदर ऐसे हारमोनस को सक्रिय कर देता है जो नशा करने की इच्छा को खत्म कर देता है| विज्ञान की रिसर्च है, सारी दुनिया यह मानती है कि कोई आदमी नशा तब करता है जब उसके शरीर मे सल्फर की कमी होती है तो उसको बार बार तलब लगती है, बीड़ी सिगरेट तंबाकू आदि की! सल्फर की मात्रा आप पूरी कर दो तो ये तलब खत्म हो जाएगी! राजीव भाई ने हजारो लोगो पर इसका परीक्षण किया और बहुत ही सुखद परिणाम सामने आए! बिना किसी खर्चे के शराब छूट जाती है, बीड़ी सिगरेट शराब गुटका आदि छूट जाता है, तो आप इसका प्रयोग करे !

दूसरे उपयोग का तरीका पढे !

अदरक के रूप मे सल्फर भगवान ने बहुत अधिक मात्रा मे दिया है, सस्ता भी है! इसी सल्फर को आप होमिओपेथी की दुकान से भी प्राप्त कर सकते हैं! आप कोई भी होमिओपेथी की दुकान मे चले जाओ और विक्रेता को कहें कि मुझे सल्फर नाम की दवा दे दो! वो दे देगा आपको शीशी मे भरी हुई दवा देगा| सल्फर नाम की दवा होमिओपेथी मे पानी के रूप मे आती है, जिसको हम Dilution कहते है अँग्रेजी मे !
5 मिली लीटर दवा की शीशी 5 रूपये आती है जिसे एक बूंद जीभ पर दाल लो, सवेरे सवेरे-खाली पेट! फिर अगले दिन और एक बूंद डाल लो! 3 खुराक लेते ही 50 से 60 % लोग की दारू छूट जाती है! जो ज्यादा पियक्कड़ है! जिनकी सुबह दारू से शुरू होती है और शाम दारू पर खतम होती है, वो लोग हफ्ते मे दो दो बार लेते रहे| ऐसा एक-दो महीने तक करे| बड़े-बड़े पियक्कड़ों की दारू छूट जाएगी! राजीव भाई ने ऐसे ऐसे पियक्कड़ों की दारू छुड़ाई है जो सुबह से पीना शुरू करते थे और रात तक पीते रहते थे! उनकी भी दारू छूट गई बस इतना ही है, दो तीन महीने का समय लगा !
ये सल्फर, अदरक मे भी है ! होमिओपेथी की दुकान मे भी उपलब्ध है ! आप आसानी से खरीद सकते है! लेकिन जब आप होमिओपेथी की दुकान पर खरीदने जाओगे तो वो आपको पुछेगा कितनी ताकत की दवा दूँ? मतलब कितनी Potency की दवा दूँ! तो आप उसको कहे 200 potency की दवा दे दो ! आप सल्फर 200 कह कर भी मांग सकते है! लेकिन जो बहुत ही पियक्कड़ है, उनके लिए आप 1000 Potency की दवा ले! आप 200 मिली लीटर का बोतल खरीद लो एक 150 से रुपए मे मिलेगी! आप उससे 10000 लोगो की शराब छुड़वा सकते हैं! मात्र एक बोतल से लेकिन साथ मे आप मन को मजबूत बनाने के लिए रोज सुबह बायीं नाक से सांस ले और अपनी इच्छा शक्ति मजबूत करे!
अब एक खास बात !
बहुत ज्यादा चाय और काफी पीने वालों के शरीर मे arsenic तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप arsenic 200 का प्रयोग करे !
गुटका, तंबाकू, सिगरेट, बीड़ी पीने वालों के शरीर मे phosphorus तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप phosphorus 200 का प्रयोग करे !
और शराब पीने वाले मे सबसे ज्यादा sulphur तत्व की कमी होती है !
उसके लिए आप sulphur 200 का प्रयोग करे !!
सबसे पहले शुरुवात आप अदरक से ही करे !!

यूं तैयार करें अपनी काम की वेबसाइट का सर्च इंजन

इंटरनेट पर हमें कई बार किसी विशेष वेबसाइट से सामग्री की तलाश की जरुरत होती है ऐसे में हमे उस वेबसाइट के HOME PAGE पर जाना होता है और वहा यदि सर्च इंजन मौजूद हो तो आप उस वेबसाइट के भीतर ही सर्च करते है। लेकिन कई बार कुछ website पर home page उपलब्ध नही होता। ऐसे में उन वेबसाइट पर सर्च करना आसान नही होता। GOOGLE आपको ऐसी सुविधा भी उपलब्ध करता है जिसके जरिये आप आसानी से किसी भी वेबसाइट का अपना custom search इंजन तैयार कर सकते है। ऐसे में आप बिना किसी तकनिकी जानकारी के भी किसी वेबसाइट से अपनी मन पसन्द की सामग्री भी खोज कर सकते है।

            इसके लिए सबसे पहले आप नीचे दिए गए webpage को ओपन कीजिये
www.google.com/coop/cse

यहां आपको सबसे पहले अपने Google Account से log-in करना होगा। इसके बाद आप सर्च इंजन तैयार करने वाले Page पर होंगे। यहां आप सबसे पहले उस वेबसाइट का पता भरिये जिसका सर्च इंजन आप तैयार कर रहे है। फिर उस सर्च इंजन को दिया जाने वाला नाम लिखिए। भाषा का विकल्प चुनने के बाद जेसे ही आप Allow Button press करेंगे। आप के सामने आपका पसन्दीदा Custom search engine होगा। यदि आप ब्लोगिंग करते है या फिर आपकी अपनी वेबसाइट है तो उसके लिए भी custom search engine आप यहां से तैयार कर सकते है।

The Secret of Success (सफलता के सूत्र)


The Secret of Success (सफलता के सूत्र)
जीवन में सफलता पाने का रहस्य
हर व्यक्ति चाहता है कि उसके पास काम, नाम, सम्मान, धन सभी हो। जिस व्यक्ति के पास ये उपलब्धियां हों उसे सफल कहा जा सकता है। सफल का अर्थ है- स+फल = फल सहित, अर्थात उपलब्धि सहित, महत्व सहित। सफलता का अर्थ डिग्री पाना, नौकरी लगना, पैसा कमाना मात्र नहीं है। व्यक्ति की सामाजिक हैसियत एवं उपयोगिता भी उसकी सफलता की कसौटी है। इस बात को यूं भी कहा जा सकता है कि यदि कोई व्यक्ति सफल होना चाहता है तो उसका उपरोक्त पांच उपलब्धियों पर अधिकार होना चाहिए।

हम देखते हैं हमारे चारों ओर ऐसे कई लोग हैं, जो सफलता के लिए कठोर श्रम करते हैं पर सफलता कुछ गिने-चुने लोगों को ही मिलती है। हम इसे तकदीर का खेल कहते हैं। पर यदि विश्लेषणात्मक नजरिए से हम देखें तो पाएंगे कि सफल एवं असफल व्यक्तियों में एक मूलभूत अंतर है। यद्यपि कठोर श्रम दोनों करते हैं, पर सफल व्यक्तियों के पास एक स्पष्ट दृष्टिकोण होता है। वे अंधेरे में तीर नहीं चलाते। उन्हें प्रस्तुत समस्या की समझ होती है और उसके निदान की एक तर्कपरक, व्यावहारिक योजना होती है।

जहां दरवाजों से पहुंचा जा सकता है, वहां दीवारों में सिर टकराकर रास्ता बनाने की कोशिश करना कठोर श्रम का उदाहरण हो सकता है, पर साथ ही यह उदाहरण है वज्र मूर्खता का। कुछ सूत्र हैं जो उन दरवाजों की तरह हैं जिनसे सफलता के सिंहासन तक पहुंचा जा सकता है। ये सूत्र हैं-
हमेशा खुश रहें दूसरों को भी खुश रखें
यह सूत्र जितना नैतिक एवं मानवीय मूल्य रखता है, उतना ही वैज्ञानिक मूल्य भी रखता है। मनोविज्ञान के अनुसार हम अपना श्रेष्ठ तभी दे सकते हैं या अपनी क्षमताओं का अधिकतम उपयोग तभी कर सकते हैं, जब हम सौहार्दपूर्ण तनावरहित वातावरण में काम कर रहे हों। जिस प्रकार जहां प्रकाश हो वहां अंधकार नहीं हो सकता, उसी प्रकार जहां खुशी हो, प्रसन्नता हो वहां तनाव नहीं हो सकता।

कार्य पूर्ण लगन और उत्साह से करें
सफलता के मार्ग पर व्यक्ति की गाड़ी तभी तक चलती है, जब तक इसमें लगन एवं उत्साह का ईंधन होता है। लगन एवं उत्साह उत्पन्न होता है समर्पण एवं चाहत से। सफलता की पहली शर्त, पहला सूत्र यह है कि सफलता की ऐसी चाहत होनी चाहिए जैसे जीवन के लिए प्राणवायु की। सफलता का रहस्य ध्येय की दृढ़ता में है।
समय के पाबंद रहें
समय की महत्ता दर्शाते ढेरों कहावतें, मुहावरे दुनिया की लगभग हर भाषा में मिल जाएंगे। यह सत्य सभी मानेंगे कि समय अपनी चाल से चलता है न धीमा न तेज। समय उनके लिए अच्छा चलता प्रतीत होता है, जो समय के साथ चलते हैं और उनके लिए खराब चलता है, जो समय से पीछे चलते हैं या तेज भागने की कोशिश करते हैं। जब तक समय प्रबंधन (टाइम मैनेजमेंट) नहीं होता, तब तक समय हमारे नियंत्रण के बाहर चलता रहेगा। अतः दीर्घसूत्रता या काम का आज-कल पर टालमटोल नहीं होना चाहिए।
रहें सचेत एवं जागरूक
सिद्धांततः जीवन में वही सबसे अधिक सफल व्यक्ति है, जो सबसे अधिक जानकार है। जो क्षेत्र हमारी दृष्टि परिधि में होता है हम साधारणतः उसी के प्रति सचेत एवं जागरूक होते हैं। यही बात हमारे दृष्टिकोण या नजरिए के बारे में भी सत्य है। हमारा कार्यक्षेत्र एवं नियंत्रण क्षेत्र बढ़ाने के लिए आवश्यक है कि हम अपना दृष्टिकोण व्यापक बनाएं। अपने दृष्टिकोण को व्यापक बनाने का तरीका है अपने आंख-कान खोलकर रखना, बुद्धि को सूक्ष्म और हृदय को विशाल बनाना।
सकारात्मक दृष्टिकोण रखें

अंधेरे में रास्ता दिखाने हेतु एक दीपक पर्याप्त होता है। आशावाद के जहाज पर चढ़कर हम मुसीबतों एवं समस्याओं के तूफानों से उफनते असफलताओं के महासागर को भी पार कर सकते हैं।
अपनी क्षमताओं और कमजोरियों को पहचानें
हर व्यक्ति में कुछ न कुछ कमजोरियां होती हैं। शतरंज के खेल की तरह हमें हर कदम सोच-समझकर अपनी ताकत एवं सीमाओं का आकलन करते हुए उठाना चाहिए। हां, सावधानी शतरंज के खेल से भी अधिक रखनी चाहिए, क्योंकि जीवन कोई खेल नहीं है।
अपनी हार की संभावना समाप्त कर दें
जीत या सफलता सुनिश्चित करने का तरीका है – हार की संभावना समाप्त कर देना। सफलता की तैयारी का महत्वपूर्ण भाग है उन कारकों को पहचानकर मूल से समाप्त कर देना जिनसे असफलता आ सकती है। ये वे कारक हैं, जो आपकी तैयारी की कमजोर कड़ी हैं। ये वे कारक हैं, जो लक्ष्य से आपका ध्यान विचलित कर सकते हैं। ये वे कारक हैं जिनका आपका प्रतिद्वंद्वी लाभ उठा सकता है। पराजय से बचना विजय ही को निमंत्रण है। नुकसानी की संभावना समाप्त होने पर ही नफे की शुरुआत है। इसी तरह असफलता की संभावना से रहित तैयारी ही सफलता की गारंटी है।
कार्यों से ही दूसरों का दिल जीता जा सकता है न कि महज शब्दों से
व्यक्ति का आचरण एवं उसके कर्म ही उसकी पहचान होते हैं। यदि हम दूसरों के हृदय में स्थायी जगह चाहते हैं तो इसका आधार हमारे ईमानदारीपूर्ण कर्म ही हो सकते हैं। महज शब्दों द्वारा अपनत्व बताना रेत पर बनी लकीरों की तरह होता है जिन्हें हर आती-जाती सागर की लहर बनाती-मिटाती रहती है। पर कर्म पाषाण पर उकेरी आकृति की तरह होता, जो एक स्थायी स्मृति बन जाता है।

ईमानदारी और उदारता को अपनी पहचान बनाएं 
कोई भी सामाजिक गतिविधि जनसहयोग के बगैर पूर्ण नहीं हो सकती। लोग तभी हमारे साथ रहेंगे जब उन्हें हमारी ईमानदारी पर भरोसा होगा और हमारा साथ उन्हें गरिमापूर्ण महसूस हो। बेईमानी, भय और उपेक्षा की नींव पर हम सहयोग की इमारत खड़ी नहीं कर सकते।

कभी दूसरों की नकल न करें
कमान उन्हीं के हाथों में होती है, नेता वही होते हैं, जो अपना मार्ग स्वयं निर्माण करते हैं और उस पर जनसमूह को ले जाते हैं। इतिहास भी ऐसे ही नेतृत्व को याद रखता है। अंधानुकरण कर भेड़चाल चलने वाले कभी सफल नहीं हो सकते। सफलता की रेखाएं उन्हीं मनुष्यों के हाथों में अंकित हैं जिनके हृदय में नवीन आविष्कारों की आंधी पैदा हुआ करती है।
उपरोक्त सूत्र हमारे हाथों की दस उंगलियों की तरह हैं। जब दसों सूत्र एकसाथ काम करते हैं, तब सफलता हमारी दोनों हाथों की मुट्ठियों की गिरफ्त में होती है । ये सूत्र चमत्कारिक सफलता दे सकते हैं, पर मात्र सूत्र पढ़ने से चमत्कार नहीं हो सकता है। सतत प्रयास, अवलोकन और अभ्यास से ही सफलता के ये सूत्र सिद्ध हो सकते हैं। यहां यह भी ध्यान में रखना चाहिए कि सफलता पाने में जितने कुशलता, संकल्प और श्रम की आवश्यकता होती है, उससे कहीं अधिक कुशलता, संकल्प और श्रम इस सफलता को बनाए रखने के लिए लगते हैं।