Friday, 3 April 2015

दिमाग हमेशा रहता है जवां

       दि माग शरीर का सबसे ज्यादा वसा वाला अंग है। इसमें शरीर की कुल वसा का लगभग 60 प्रतिशत होता है।
जब हम जागते रहते है तो दिमाग 10-23 वॉट के बराबर शक्ति उत्पन्न करता है जो एक बल्ब को जलाने के लिए पर्याप्त होती है।
हमारे दिमाग का 70-75 प्रतिशत हिस्सा पानी से बना होता  है।
मस्तिष्क का ख़ास हिस्सा ग्रे मैटर असल में गुलाबी होता है और यह सूचनाओ के आदान-प्रदान और सहज बुद्धि के लिए जिम्मेदार होता है।
ऐसे बच्चे जो पांच साल की उम्र में दो भाषाए सीख जाते है, दूसरे बच्चों की तुलना में उनके दिमाग की सरंचना में बदलाव आता है और जब वे वयस्क होते है तो उनका ग्रे मैटर ज्यादा घना होता है।
रेत के एक कण के बराबर दिमाग के हिस्से में एक लाख न्यूरॉन्स और एक अरब सिनोपिस्स होते है और ये सभी एक दूसरे के साथ सीधे जुड़कर बाते करते है।
कई बार किसी दूसरे इंसान को उबासी लेते देख हमे भी उबासी आने लगती है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि हमारे दिमाग में कुछ कोशिकाएं ऐसी होती है जिन्हें मिरर न्यूरॉन्स कहा जाता है, ये नकलची कोशिकाएं भी कहलाती है। अगर ये क्षतिग्रस्त हो जाये तो इंसान को अन्य लोगो से रिश्ते और संवाद में दिक्कत होती है।

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